भोजपत्र

एक भोजपत्र खोजूँगी
और लिखूँगी उस पर तुम्हारा 
सब अनकहा

बाँसुरी के खोल में
भरूँगी वो सारी तुम्हारी साँसे
जो भागदौड़ में उखड़ी हैं
तुम्हारे सीने से

बन जाएंगी वो मधुर संगीत
जो सुनाई देगा 
हम दोनों को विपरीत पथों पर
चलते ठेलते!

@राजविन्दर

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